Kanha – Milan ki Pyaas

कहां मिलोगे मुझे कन्हैया, कुछ तो अपनी राह बताओ उम्र बीत गयी तुमको ढूँढ़ते, कभी कही तो टकरा जाओ मैंने तो जन जन से पूछा, बहती हुई पवन से पुछा कहाँ छिप गए हो मेरे कान्हा, अब बस और न मुझको तडपाओ हम तो तेरे दास है स्वामी, तू तो है अन्तर्यामी हम भक्तो सेContinue reading “Kanha – Milan ki Pyaas”

Jealousy discussion of Krishan Shringaar Articles

ये चर्चा है श्री कृष्ण के तीन अभिन्न श्रृंगारो की, कैसे वो एक दूसरे से प्रेम युक्त ईर्षा करते है बांसुरी बोली कृष्ण चरण पर लिपटी धुल से – हे बड़भाड़ी धुल रानी, ऐसी किस्मत कहाँ से लिखवाई जिन चरनन का वंदन करे देवता, तू उनपर लिपटत जाई साधु संत तुझे पाने ख़ातिर, जनमो कीContinue reading “Jealousy discussion of Krishan Shringaar Articles”

ठुमक ठुमक कर नाचे कन्हैया

ठुमक ठुमक कर गोलू मोलू, मेरे मन को मोहता जाए सांवला रंग तीखे नैना, कानो में कुण्डल सजाये मनमोहक मुस्कान उसकी, माथे पर तिलक लगाये मटक मटक कर नाचे कान्हा, यशोदा मां को खुब हसाये माखन मिश्री प्यारे उसको, चोरी कर कर खाए खिलाये शिशु अवस्था में पुतना मारि, मुख में तीनो लोक दिखाये सारेContinue reading “ठुमक ठुमक कर नाचे कन्हैया”