क्यूं टकरा जाते हो

क्यूं टकरा जाते हो तुम रास्ते में बार बार
मान तो लिया कि तुम्हे जानता नहीं
ऐसे भी क्या टेडी नजरो से देखना मुझे
पूछता हूं तो कहते हो पहचानते नहीं

छूटी हुई ज़िंदगी


थोड़ी इधर थोड़ी उधर छोड़ता रहा गुजरती हुई जिंदगी
इसी उम्मीद में कि जीयेंगे एकदिन फिर कभी

पीछे मुड़ना तो अब असंभव सा हो गया
खुद को फिर से जीना एक सपना सा हो गया

पहले छोड़ते थे, अब छूट जाता है
आता हुआ हर पल रेत सा फिसल जाता है

जो जिया बस उसकी अब यादें साथ रहती है
छूटी हुई ज़िंदगी तु अब ख्वाहिश बन मेरे साथ रहती है

Career – moving to New job


आसमान बदल लिया मैने
और ऊंची उड़ान भरने को
पंख नए कर लिए मैने
तारों को छूना है एकदिन यकीनन
इसलिए, बादलों में घर कर लिया मैने

नए बादल, नए पंछी और ये सर्द हवा
नीले घोड़ों पर सफर करने का मन कर लिया मैने
पुराने बादल ने सिखाया ऊंचा उड़ना इतना
एक छलांग में नया आसमान अपना कर लिया मैने

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कुछ शेर

पूछते हो बुलबुलों का पता हवा से
वो बता भी दे तो कहां पहचान पाओगे


एक वहम और टूटा
तेरा जाना अच्छा तो नही लगा
पर एक झूठा और छूटा


तुम इधर हो उधर हो या कहां हो बता तो दो
तुम हवा ही आग हो या धुआं हो समझा तो दो


अब तो ऐसी आदत पड़ गई है अकेले रहने की
खुद ही पानी पीते है खुद ही को लोरी सुनाते है साहब
अपने ही सिर को थपथपाते है प्यार से
खुद ही को बाहों में भर कर सो जाते है जनाब


वो मुकदमा था मेरा अदालत थी तेरी
वो कत्ल था मेरा वकालत थी तेरी
वो तेरी अदालत और कातिल भी तू है
चलो लिया गुनाह अपने कत्ल का अपने ही सिर पे
तू बस सजा बता हमे सब मंजूर है


बहूतो ने काटा बहुतों ने मिर्ची लगाई है
ऐसे थोड़ी ना हम चिड़चिड़े हो गए
देख कर भी पास से निकल गए
ऐसे कैसे बिछोड़े हो गए
तुम्हारी तारीफ में भी तुम्हे अब नसीहत दिखती है
इतने कैसे तुम नकचढ़े हो गए
गजब दोस्ती थी हमारी जब हम एक जितने थे
फिर तुम ज्यादा बड़े हो गए

तुम्हे रुकना ग्वारा नही था

तुम्हे रोकने की कोशिश तो की थी
तुम्हे रुकना ग्वारा नही था
तुम्हारे साथ था तो सब अच्छा था
मैं भी तब तक आवारा नहीं था
कवर चेहरे पर क्या चढ़ाया था तुमने
क्या वो चेहरा भी तुम्हारा नहीं था
मज़ाक तो ऐसे ही करते थे तुम
हमारे जज्बात ने भी कुछ बिगाड़ा नहीं था
खेल लो सब तुम्हारे लिए ही आए है
हमारे ख्याल में भी कुछ हमारा नहीं था
वो घर से निकलना किताबों के बहाने
उन बहानों का भी ठिकाना नहीं था
तुम्हारी मर्जी कह कर अपनी चलाना
वो अंदाज गुफ्तगू भी तो हमारा नही था

ऐ जिंदगी – आजा बात करते है

ऐ जिंदगी, चाय पर मिलेगी आज? आजा बैठ कुछ बात करते है

अरसा हुआ तुझसे मिले हुए, आजा आज मिलते है, कुछ तेरी कुछ मेरी बात करते है

तुझे देखता हूँ तेज भागते हुए, कहाँ जाती हो?

चलती रहती हो हमेशा, थक नहीं जाती हो

अगर थक जाओ कभी तो आना मेरे पास, बहुत वक़्त छुपा कर रखा है मैंने,

किसी को बताना नहीं, बस चुप करके आ जाना, टाइम पास करते है

–+

तुम्हें याद है बचपन में जब मैं बीमार पड़ा था? मेरे पापा ने बचाया था तुम्हे

तुम इतनी बेशरम हो वो एहसान उतारने भी नहीं आती,

हुब-हू हो मुझ जैसी फिर भी इतना हो इतराती

आओ मिलकर ये शिकवे दरकिनार करते है, एक फिर से मुलाकात करते है

देख लो अब भी मान जाओ, थोड़ा रुको, और पास आओ, नहीं तो हम तो निकल जायेंगे कभी

फिर न कहना नयी जिंदगी को लेकर बचपन में फिर आएंगे जभी,

वो नयी सुबह होगी नयी जिंदगी के साथ

शायद वो मेरी बात मानेगी, चलेगी, रुकेगी और बात करेगी मेरे साथ

फिर तुम ना कहना की मुलकात करते हैं, एक और बात करते हैं

ऐ जिंदगी, चाय पर मिलेगी आज? आजा बैठ कुछ बात करते है ||

Salute to CDS Bipin Rawat and 12 bravehearts

क्या लिखूं उस गाथा को जो तुम अपने खून से कह गए
बड़े खुशनसीब निकले 12 जो वर्दी में अलविदा कह गए


आंखे नम है देश की तुम्हारे बलिदान पर
तड़पी तो वो धरती भी होगी जहां उड़न खटोले ढह गए


तुम्हे लेने तो आसमान को भी नीचे आना पड़ा
काल के चक्र पर तुम नई कहानी कह गए

जुल्म ए जालिम

बहुत खुश हूं तेरे आगोश में ए जालिम, तेरा ये जुल्म इतना लुभाता क्यूं है 
हिम्मत है तो उतार खंजर सीने में, ये धीरे धीरे चुबाता क्यूं है

रोक देता है सांसे तेरा बार बार भड़कना, फिर तू हर बार मुस्कुराता क्यूं है
लगाई है आग तो जलने दे घर सबके, तू बार बार बरसात कराता क्यूं है

उठ गया हूं फिर से सोने के लिए, तू बार बार मीठी लोरी सुनाता क्यूं है
गर इतना ही तंग है मेरी मौजूदगी से तू, फिर सपने में भी बार बार मिलने आता क्यूं है

नहीं मिलना तो ना मिल, हम भी भूले तुझे, ये मेरा ही सामान बार बार तेरी याद दिलाता क्यूं है
हकीकत से ख्वाईश बना है तू, “टुटता है हर सपना” कह कर बार बार डराता क्यूं है
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किसके लिए?

जानता था गलती कर रहा हूं
ना करता तो ना करता किसके लिए?
कुछ तो मकसद तेरे आने का भी होगा
हमे तो बताओ आए थे जिसके लिए

वो ना आए खिड़की पर एक बार भी
थकती रही साइकिल हमारी जिसके लिए
ढूंढ लेते थे उत्तर का रास्ता दक्षिण से भी
उड़ाते रहे कागच के रॉकेट जिसके लिए

लानत दे रहा था वो जाते जाते
अब न देता तो बचाता बताओ किसके लिए
इबादत करना अब उसे मंजूर नहीं
वो करे तो क्यों करे और करे किसके लिए
छोड़ दी शराब हमने पीनी अब
गम डुबाते तो क्यूं डुबाते और बताओ किसके लिए

कुछ कुछ अधूरा

प्यार तुमने भी किया मैंने भी लिया
इज़हार तुमने भी किया मैंने भी किया
दुनिया को बताने की हिम्मत न मैंने की न तुमने की
अधूरा रहने का फ़ैसला मैंने भी किया तुमने भी किया

कुछ कुछ अधूरा रह जाए तो अच्छा है
सबकुछ न कह पाये तो अच्छा है
कम दिखते है हंजू जब मैं चलता हूं
सबको सबकुछ न दिख पाए तो अच्छा है

दूरियां गजब लगती है मुझे
जुदाई कम लगती है मुझे
सोचता हूं एक इश्क और कर लूं
उदासी बड़ी हसीन लगती है मुझे