एहसास और अल्फाज

बहुत समझाया था एहसासो को,मत मिलो अल्फाजों से बिगड़ जाओगे जब तक तन्हा हो महफूज हो तुमअल्फाज बन गए तो रोड पर आ जाओगे मेरे निजी हो तो चहकते रहते हो ख्यालों में सारा दिनमहफिल ए आम हो गए तो ये प्यार कहां पाओगे कोई तोड़ेगा, मुंह मोड़ेगा, हसेगा तुम परएक वाह के लिए कईContinue reading “एहसास और अल्फाज”

Khwaab

ऐ ख्वाब कभी दिन मे भी आया करोआंखे भी तो जाने की तु दिखता क्या है निकलते नही जागकर देखे सपनेआंसु पूछते है आंखो  मे रड़कता क्या हैं तेरी  पलको की झलक जब याद आती हैंमेरी पलको मे फडकता क्या हैं मेरे ख्वाब कभी उनकी नींद मे भी हो आया करवो भी तो जाने हमारा रिश्ताContinue reading “Khwaab”