तुम्हे रुकना ग्वारा नही था

तुम्हे रोकने की कोशिश तो की थीतुम्हे रुकना ग्वारा नही थातुम्हारे साथ था तो सब अच्छा थामैं भी तब तक आवारा नहीं थाकवर चेहरे पर क्या चढ़ाया था तुमनेक्या वो चेहरा भी तुम्हारा नहीं थामज़ाक तो ऐसे ही करते थे तुमहमारे जज्बात ने भी कुछ बिगाड़ा नहीं थाखेल लो सब तुम्हारे लिए ही आए हैहमारेContinue reading “तुम्हे रुकना ग्वारा नही था”

नवरात्रे प्रार्थना

महिषासुर मर्दिनी, सिंह वाहिनी, अष्टभुजा धारणी, शिव स्वामिनी, दिव्यता करनी, वैभव भरनी, सिद्धि दाती, मनवाँछित वरदाती, भक्त वात्सली, शक्ति महारानी हे माँ आपका स्वागत है हे माँ आओ, ज्ञान शक्ति भक्ति वैभव दे जाओ.. आपसे पाने की आदत है एक विशेष प्रार्थना ये भी मानो – नेता लिप्त भर्ष्टाचार में, सड़को पर बच्चे भीख मांगेContinue reading “नवरात्रे प्रार्थना”

लक्ष्य तेरा बस इतना सा दूर है

तोड़ तू आलस की जंजीरे, लक्ष्य तेरा बस इतना सा दूर है चल उठ बाहर निकल तू देख, स्वागत करता अम्बर भरपूर है जो हूंकार गगन को चीरे, उस ध्वनि का कारक तू है काल के जिसने कान मरोड़े, उसकी निर्भीक विरासत तू है ले पहचान अपनी नियति को, लोक परलोक का शासक तू हैContinue reading “लक्ष्य तेरा बस इतना सा दूर है”

मेरे तो पर्सनल भगवान्

द्वार खुले, दीप जले, मिलने धरा पर आये, जिनका हूँ मैं अभिमान मेरे पितृ मेरा आधार, मेरे तो पर्सनल भगवान् . मेरे रंग रूप, कद काठी सबके निर्णायक तुम हो मेरे डीएनए सूत्र के पीढ़ियों से फलदायक तुम हो . आपका स्नेह सदैव मेरे साथ, हर    सदकर्म में सहायक हो पितृ दिवस पर मिलनेContinue reading “मेरे तो पर्सनल भगवान्”

टोमडी साहिब – लुप्त होता प्रसिद्ध तीर्थ

Till 1947, Gujrawalan district of Punjab used to be a famous Hindu pilgrimage place. People used to come to Mandir Tomri Sahib, Baddo-ki Goasain for annual festival of Narsing Chodash and budh purnima (“Mela Yag”) and monthly chodash of every shukla paksha for Jyoti darshan and blessings of Sadguru. During the mela yag occasion, aContinue reading “टोमडी साहिब – लुप्त होता प्रसिद्ध तीर्थ”