तुम्हे रुकना ग्वारा नही था

तुम्हे रोकने की कोशिश तो की थीतुम्हे रुकना ग्वारा नही थातुम्हारे साथ था तो सब अच्छा थामैं भी तब तक आवारा नहीं थाकवर चेहरे पर क्या चढ़ाया था तुमनेक्या वो चेहरा भी तुम्हारा नहीं थामज़ाक तो ऐसे ही करते थे तुमहमारे जज्बात ने भी कुछ बिगाड़ा नहीं थाखेल लो सब तुम्हारे लिए ही आए हैहमारेContinue reading “तुम्हे रुकना ग्वारा नही था”

कुछ कुछ अधूरा

प्यार तुमने भी किया मैंने भी लियाइज़हार तुमने भी किया मैंने भी कियादुनिया को बताने की हिम्मत न मैंने की न तुमने कीअधूरा रहने का फ़ैसला मैंने भी किया तुमने भी किया कुछ कुछ अधूरा रह जाए तो अच्छा हैसबकुछ न कह पाये तो अच्छा हैकम दिखते है हंजू जब मैं चलता हूंसबको सबकुछ नContinue reading “कुछ कुछ अधूरा”

एहसास और अल्फाज

बहुत समझाया था एहसासो को,मत मिलो अल्फाजों से बिगड़ जाओगे जब तक तन्हा हो महफूज हो तुमअल्फाज बन गए तो रोड पर आ जाओगे मेरे निजी हो तो चहकते रहते हो ख्यालों में सारा दिनमहफिल ए आम हो गए तो ये प्यार कहां पाओगे कोई तोड़ेगा, मुंह मोड़ेगा, हसेगा तुम परएक वाह के लिए कईContinue reading “एहसास और अल्फाज”

दिवाली की सफाई

दिवाली की सफाई इस बार मैंने दिल से शुरू की कुछ पुरानी यादे, जो सिर्फ पड़ी थी एक कोने में एक पुराने कीमती शो पीस की तरहबाहर फेंकने की उसको, इस बार हिम्मत की कड़वे अनुभवों के लटकते मकडी जाले जो हर ख्याल को छू जाते थे, हटा दिए मैंने ये मुश्किल हिमाकत की अपेक्षाओंContinue reading “दिवाली की सफाई”

नवरात्रे प्रार्थना

महिषासुर मर्दिनी, सिंह वाहिनी, अष्टभुजा धारणी, शिव स्वामिनी, दिव्यता करनी, वैभव भरनी, सिद्धि दाती, मनवाँछित वरदाती, भक्त वात्सली, शक्ति महारानी हे माँ आपका स्वागत है हे माँ आओ, ज्ञान शक्ति भक्ति वैभव दे जाओ.. आपसे पाने की आदत है एक विशेष प्रार्थना ये भी मानो – नेता लिप्त भर्ष्टाचार में, सड़को पर बच्चे भीख मांगेContinue reading “नवरात्रे प्रार्थना”

लक्ष्य तेरा बस इतना सा दूर है

तोड़ तू आलस की जंजीरे, लक्ष्य तेरा बस इतना सा दूर है चल उठ बाहर निकल तू देख, स्वागत करता अम्बर भरपूर है जो हूंकार गगन को चीरे, उस ध्वनि का कारक तू है काल के जिसने कान मरोड़े, उसकी निर्भीक विरासत तू है ले पहचान अपनी नियति को, लोक परलोक का शासक तू हैContinue reading “लक्ष्य तेरा बस इतना सा दूर है”

मेरे तो पर्सनल भगवान्

द्वार खुले, दीप जले, मिलने धरा पर आये, जिनका हूँ मैं अभिमान मेरे पितृ मेरा आधार, मेरे तो पर्सनल भगवान् . मेरे रंग रूप, कद काठी सबके निर्णायक तुम हो मेरे डीएनए सूत्र के पीढ़ियों से फलदायक तुम हो . आपका स्नेह सदैव मेरे साथ, हर    सदकर्म में सहायक हो पितृ दिवस पर मिलनेContinue reading “मेरे तो पर्सनल भगवान्”

Fakeer Bulle Shah – फकीर बुल्ले शाह

ना तू साढ़ा रब, न असी तेरे बन्देजिस जन्नत ते तू मान करदा, जा उस जन्नत विच नी वडदे Naa tu sada rab, Naa assi terebande jis jannat te tu maankarda, ja us jannat vich nivarde