तुम्हे रुकना ग्वारा नही था

तुम्हे रोकने की कोशिश तो की थीतुम्हे रुकना ग्वारा नही थातुम्हारे साथ था तो सब अच्छा थामैं भी तब तक आवारा नहीं थाकवर चेहरे पर क्या चढ़ाया था तुमनेक्या वो चेहरा भी तुम्हारा नहीं थामज़ाक तो ऐसे ही करते थे तुमहमारे जज्बात ने भी कुछ बिगाड़ा नहीं थाखेल लो सब तुम्हारे लिए ही आए हैहमारेContinue reading “तुम्हे रुकना ग्वारा नही था”

कुछ कुछ अधूरा

प्यार तुमने भी किया मैंने भी लियाइज़हार तुमने भी किया मैंने भी कियादुनिया को बताने की हिम्मत न मैंने की न तुमने कीअधूरा रहने का फ़ैसला मैंने भी किया तुमने भी किया कुछ कुछ अधूरा रह जाए तो अच्छा हैसबकुछ न कह पाये तो अच्छा हैकम दिखते है हंजू जब मैं चलता हूंसबको सबकुछ नContinue reading “कुछ कुछ अधूरा”

Few Lines on my Dentist

चार दांतो पर चौंतीस चक्कर मैंने अब तक लगाएफोर्सेप एक्सप्लोरर लेकर वो दांतो मे घुस जाएसच में मिलने आता रहूंगा दांत चाहे ठीक हो जाएहे देवी, थोड़ी सी कृपा करदो हम भी खाना चबा पाएं —- उसने चेहरा दूर से देखा तो उसे प्यार हो गयातुम अंदर झांकती हो तुम्हारा क्या होगा —- — —मेरेContinue reading “Few Lines on my Dentist”